धर्म-ज्योतिष के साथ ही विज्ञान के नजरिए से भी सभी पेड़ों में पीपल सबसे खास है, क्योंकि ये पेड़ 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है, जबकि अन्य पेड़ रात में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।
इसकी पूजा करने का भाव ये है कि ये वृक्ष हमें 24 घंटे प्राण वायु प्रदान करता है, इसलिए हमें इसकी रक्षा करनी चाहिए, इसे काटना नहीं चाहिए और ज्यादा से ज्यादा पीपल के पौधे लगाने चाहिए, ताकि पर्यावरण में ऑक्सीजन का संतुलन बना रहे।
इस पेड़ की पूजा करने का संदेश ये है कि हमें प्रकृति का हमेशा सम्मान करना चाहिए।
शनि प्रकृति प्रेमी देवता माने गए हैं, जो लोग प्रकृति का सम्मान करते हैं, प्रकृति के प्रतीक पीपल की पूजा करते हैं, इसकी रक्षा करते हैं, उन्हें शनि की कृपा मिलती है। ऐसी मान्यता है।