मुजफ्फरपुर के रहने वाले शहीद सूबेदार राकेश कुमार सिंह (50) का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा है। अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोगों भीड़ जुट गई। परिवार को रोता देख ग्रामीणों के आखों में भी आंसू आ गए। लोग नारा लगाते रहे ‘भारत माता की जा
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राकेश अरुणाचल प्रदेश में तैनात थे। 9 अगस्त की रात 8 बजे अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में चीन बॉर्डर के पास, एक बड़े ट्रक से पोकलेन मशीन ले जा रहे थे। ट्रक खाई में गिर गया। चालक और एक अन्य सैनिक घायल हुए, जिन्हें सेना ने सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन राकेश कुमार का पता नहीं चला।
पहाड़ी इलाकों में सेना ने लगातार खोज अभियान चलाया। 9 दिन बाद, घटनास्थल से 12 किलोमीटर दूर नदी में 2 पत्थरों के बीच फंसी बॉडी को भारतीय नेवी और थल सेना ने बरामद किया। सोमवार की शाम को शव को रेस्क्यू किया गया और आज पैतृक गांव लाया गया।

शहीद राकेश का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
शहीद राकेश मुजफ्फरपुर के सरैया प्रखंड सिउरीऐमा गांव के रहने वाले हैं। जिन्होंने 1994 में सेना ज्वाइन किया था। जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही निधन हो गया। राकेश के 2 बच्चे हैं। आयुष कुमार (17) और साक्षी कुमारी (19)।
ग्रामीणों ने राकेश को श्रद्धांजलि दी। हर कोई राकेश की बहादुरी की बातें कर रहा था। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ हुआ।

राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार।
मौके पर विधायक और डीएम रहे मौजूद
परिवार और गांव वाले सेवा भाव को सलाम कर रहे थे। गांव में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई शोक व्यक्त कर रहा था। सूबेदार राकेश कुमार सिंह ने अपने जीवन का अंतिम बलिदान देश की सेवा में दिया।
मौके पर पारु विधायक अशोक कुमार सिंह, जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार, स्थानीय मुखिया और सरपंच और सेना के अधिकारी मौजूद रहे।