जयपुर के जगतपुरा सहित प्रदेश के 14 स्टेशनों की आरपीएफ चौकियां बंद की जाएंगी। इन चौकियों में तैनात करीब 50 एसआई, एएसआई और कांस्टेबल को अन्य थानों और ट्रेन एस्कॉटिंग में तैनात किया जाएगा। वहीं, जयपुर के खातीपुरा स्टेशन पर नया थाना बनाया जाएगा। यह निर्ण
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बता दें कि करीब 10 साल से आरपीएफ के कैडर का रिव्यू नहीं हुआ था। समय-समय पर जोन और मंडलों में होने वाली क्राइम रिव्यू मीटिंग में भी सुरक्षा पर कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया गया था। ऐसे में स्टेशनों और ट्रेनों में होने वाले क्राइम को रोकने में जो चौकियां ज्यादा मददगार नहीं हैं, स्टेशनों पर अन्य जोनल रेलवे की आरपीएफ पोस्ट (थाने) और जीआरपी की आउट पोस्ट (चौकी) हैं, उन्हें बंद कर जवानों को नए स्टेशनों और फील्ड में तैनात करने बात हुई। माना जा रहा है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और स्टाफ की कमी दूर होगी।
खातीपुरा; थाने में 1 इंस्पेक्टर, 2 सब इंस्पेक्टर, 3 एएसआई सहित 20 का स्टाफ होगा
जयपुर मंडल की झुंझुनूं, सवाईमाधोपुर सहित तीन चौकियां बंद होंगी, करीब 50 एसआई, एएसआई और कांस्टेबल को दूसरी जगह लगाएंगे। आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जयपुर मंडल की झुंझुनूं, सवाईमाधोपुर और जगतपुरा स्टेशन की आउट पोस्ट (चौकी) बंद की जाएगी। सवाईमाधोपुर में उत्तर-मध्य रेलवे के आरपीएफ की कोटा मंडल की पोस्ट (थाना) और जीआरपी की पोस्ट है।
जगतपुरा स्टेशन के पास गांधीनगर पोस्ट है। ऐसे में दोनों जगह आउट पोस्ट की जरूरत नहीं है। इसके अलावा अजमेर, जोधपुर, बीकानेर मंडल की करीब 9 आउट पोस्ट को बंद किया जाएगा। इसके बाद इन आउट पोस्ट पर तैनात करीब 50 एसआई, एएसआई और कांस्टेबल मुख्यालय पर रिपोर्ट करेंगे। जिसके बाद इस सभी की नई जगह तैनाती होगी।
खातीपुरा स्टेशन पर पोस्ट (थाना) बनाई जाएगी। जहां 1 इंस्पेक्टर, 2 सब इंस्पेक्टर, 3 एएसआई सहित कुल 20 स्टाफ तैनात किया जाएगा। शेष को अन्य थानों और ट्रेन एस्कॉर्टिंग ड्यूटी में तैनात किया जाएगा। गौरतलब है कि अजमेर मंडल की जंवाई बांध, मावली, बड़ी सादड़ी, बीकानेर की रामा, चरखी दादरी, अनूपगढ़, बठिंडा और जोधपुर मंडल की मुनाबाव, नोखा, भीलड़ी बंद की जाएंगी।