Reliance HDFC | Top 10 Companies Market Cap August 2025 List; LIC TCS SBI Bank | टॉप-10 कंपनियों में 8 की वैल्यू ₹2.25 लाख करोड़ गिरी: 50% अमेरिकी टैरिफ का असर, रिलायंस और HDFC के शेयरों में भारी बिकवाली रही

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मुंबई2 घंटे पहले

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मार्केट वैल्यूएशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 8 की वैल्यू इस हफ्ते के कारोबार में 2.25 लाख करोड़ रुपए कम हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा गिरावट रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) में 70,707 करोड़ रुपए की रही है।

अब कंपनी का मार्केट कैप ₹18.36 लाख करोड़ पर आ गया है। RIL के अलावा HDFC बैंक की वैल्यू ₹47,483 करोड़, ICICI बैंक की ₹27,135 करोड़ और एयरटेल की ₹24,947 करोड़ कम हुई है।

वहीं, इस दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की वैल्यू ₹11,126 करोड़ बढ़कर ₹11.16 लाख करोड़ और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) की वैल्यू ₹7,319 करोड़ बढ़कर ₹6.25 लाख करोड़ पहुंच गई है।

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है?

मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है।

इसे एक उदाहरण से समझें…

मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी।

कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं…

बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब
शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे
पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट
पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट
हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग

मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है।

निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं।

उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

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