rakshabandhan festival will be celebrated today; bhaskar latest news | भाई-बहन का त्योहार रक्षाबंधन आज मनेगा: 7 साल बाद राखी पर पंचक और भद्रा का साया नहीं, बहनें पूरे दिन बांध सकेंगी राखी – Patna News


भाई-बहनों का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन आज मनाया जा रहा है। राखी पर 7 साल बाद पंचक और भद्रा का साया नहीं रहेगा। पूरे दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं। वहीं, 29 वर्ष बाद राखी पर शनि मीन, सूर्य कर्क राशि में विद्यमान होंगे।

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समसप्तक योग, आयुष्मान योग, स्थिर, सौभाग्य, बुधादित्य और धनयोग का शनिवार को सुयोग बन रहा है। सावन मास की पूर्णिमा तिथि आज दोपहर 01:32 बजे तक रहेगा, परंतु उदयातिथि से पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनेगा।

राखी पर आज ग्रह-गोचरों का उत्तम संयोग

आचार्य राकेश झा ने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज गुरु और शुक्र की युति है। आज शनिवार को श्रावण मास का समापन होगा, जिसमें चन्द्रमा शनि के राशि कुम्भ में विराजमान होंगे। इससे शनि के साथ शिव की भी विशेष कृपा बरसेगी। आज श्रवण नक्षत्र होने से सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। आज बहनें अपने भाई की लंबी आयु, आरोग्यता, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में सफलता की कामना से उनके कलाई पर राखी बांधेगी।

भद्रा से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन

ज्योतिषाचार्य राकेश झा के मुताबिक रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा भद्रा से मुक्त ही मनाया जाता है। शास्त्रों में भद्रा रहित काल में ही राखी बांधने का प्रचलन है। भद्रा रहित काल में राखी बांधने से सौभाग्य में बढ़ोत्तरी होती है। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा की नजर नहीं लगेगी। जिससे यह पर्व का संयोग शुभ और सौभाग्यशाली रहेगा।

राशि के अनुसार बांधे राखी

मेष: लाल, केसरिया या पीला रंग की राखी

वृष: नीले रंग या चांदी की राखी

मिथुन: हरे रंग की राखी

कर्क: सफेद धागे या मोती से निर्मित राखी

सिंह: गुलाबी, लाल या केसरिया रंग की राखी

कन्या: सफेद या हरे रंग की राखी

तुला: फिरोजी या जमुनी रंग की राखी

वृश्चिक: लाल रंग की राखी

धनु: पीले रंग की राखी

मकर: गहरे लाल रंग की राखी

कुंभ: रुद्राक्ष से निर्मित राखी

मीन: पीला या सफेद रंग की राखी

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि: दोपहर 01:32 बजे तक

शुभ योग मुहूर्त: प्रातः 06:59 बजे से 08:38 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:29 बजे से 12:21 बजे तक

चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: दोपहर 11:55 बजे से शाम 04:50 बजे तक

रक्षा सूत्र बांधने का मंत्र

येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः | तेन त्वां प्रतिबध्नामि, रक्षंमाचल माचल ||

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