पंजाब के एजुकेशन मंत्री हरजोत सिंह बैंस प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए।
पंजाब सरकार ने राज्य में चलने वाले सभी शिक्षा बोर्डों और स्कूलों को हिदायत दी है कि उन्हें पंजाबी विषय स्टूडेंट्स को जरूरी विषय के रूप में पढ़ाना होगा। सरकार ने इस संबंधी नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है।
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पंजाब के शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि, इस संबंधी राज्य के एक्ट में प्रावधान किया गया है। इसके मुताबिक, किसी भी 10वीं कक्षा के विद्यार्थी को बिना पंजाबी से पास घोषित नहीं किया जाएगा। जो स्कूल इन नियमों का पालन नहीं करेंगे। उनके खिलाफ पंजाब भाषा एक्ट 2008 की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सरकार नई एजुकेशन पॉलिसी लेकर बनाने जा रही है। वहीं, सरकार ने 12वीं पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से फीडबैक लिया है। इसमें पता चला है 20 फीसदी बच्चे सेना और पुलिस जॉइन करना चाहते हैं। इसके लिए अब उन्हें सेना व पुलिस में जाने की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
नोटिफिकेशन में मुख्य रूप से तीन प्वाइंट हैं –
1. दसवीं कक्षा में पंजाबी पढ़े बिना किसी भी विद्यार्थी को उत्तीर्ण घोषित नहीं किया जाएगा।
2. पंजाब राज्य के किसी भी बोर्ड-संबद्ध स्कूल में पंजाबी को मुख्य भाषा के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए।
3. इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ पंजाब पंजाबी और अन्य भाषाएं शिक्षा अधिनियम, 2008 और समय-समय पर किए गए संशोधनों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नई एजुकेशन पॉलिसी बनाने के लिए बनेगी कमेटी
पंजाब अपनी एजुकेशन पॉलिसी लेकर आएगा। पॉलिसी एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। सीएम भगवंत मान की अगुवाई माहिरों की कमेटी बनाने जा रहे हैं। पंजाब स्टेट एजुकेशन पॉलिसी लेकर आएगा। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के माध्यम से कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में पढ़ाना होगा। एजुकेशन स्टेट सब्जेक्ट है। 5वीं का पेपर बोर्ड नहीं लेता है। परीक्षा एसआईआरटी लेता है।