Pujara’s 13-year cricket career ends dainik bhaskar | पुजारा का 15 साल का क्रिकेट करियर खत्म: टेस्ट के पांचों दिन बैटिंग करने वाले तीसरे भारतीय; एक पारी में सबसे ज्यादा बॉल खेलने वाले प्लेयर

स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले

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अक्टूबर 2010 में जब चेतेश्वर पुजारा ने टेस्ट डेब्यू किया, तब से अब तक इस फॉर्मेट में उनके 16,217 गेंदों से ज्यादा सिर्फ 5 बल्लेबाजों ने सामना किया है। जो रूट, एलिस्टेयर कुक, अजहर अली, स्टीवन स्मिथ और विराट कोहली। यही बात पिछले एक दशक से ज्यादा समय तक भारतीय टीम के लिए पुजारा की अहमियत को दिखाती है।

पुजारा ने रविवार को इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने 15 साल के अपने टेस्ट करियर के 103 मैचों की 176 पारियों में 43.60 की औसत से 7,195 रन बनाए। इस दौरान 19 शतक और 35 अर्धशतक भी लगाए। उनका बेस्ट स्कोर 206* रन रहा। एक नजर उनके क्रिकेट करियर की 15 अचीवमेंट्स पर…

1. एक पारी में सबसे ज्यादा बॉल खेलने वाले भारतीय पुजारा भारत के लिए एक पारी में सबसे ज्यादा बॉल खेलने वाले भारतीय हैं। उन्होंने 2017 रांची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 202 रन की पारी खेली, जिसमें उन्होंने 525 बॉल खेलीं। वे दुनिया के उन सिर्फ 4 बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी टेस्ट पारी में 500+ गेंदें खेलीं। वॉली हैमंड (3 बार), लेन हट्टन और केन बैरिंगटन एक-एक बार।

2. टेस्ट के पांचों दिन बैटिंग करने वाले तीसरे भारतीय 3 बार किसी भारतीय बल्लेबाज ने टेस्ट में सभी पांच दिनों पर बल्लेबाजी की है। यह तीनों मौके ईडन गार्डन्स (कोलकाता) में हुए। 1960 में एमएल जयसिंहा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 1984 में रवि शास्त्री इंग्लैंड के खिलाफ और 2017 में पुजारा श्रीलंका के खिलाफ यह कारनामा कर चुके हैं।

टेस्ट इतिहास में कुल 13 बल्लेबाज यह कारनामा कर चुके हैं। ताजा उदाहरण उस्मान ख्वाजा का है, जिन्होंने एशेज 2023 के पहले टेस्ट (एजबेस्टन) में यह किया।

2017 में पुजारा ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के पांचों दिनों बल्लेबाजी की।

2017 में पुजारा ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के पांचों दिनों बल्लेबाजी की।

3. टेस्ट में 7 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले आठवें भारतीय पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट में 7195 रन बनाए। वह भारत के उन 8 बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने टेस्ट में 7000 से ज्यादा रन बनाए हैं। उनसे पहले यह कारनामा सचिन तेंदुलकर (15921), राहुल द्रविड़ (13265), सुनील गावस्कर (10122), विराट कोहली (9230), वीवीएस लक्ष्मण (8781), वीरेंद्र सहवाग (8503) और सौरव गांगुली (7212) कर चुके हैं। पुजारा भारत के लिए 100 से ज्यादा (103) टेस्ट खेलने वाले 14वें प्लेयर हैं।

पुजारा टेस्ट क्रिकेट में 7 हजार रन बनाने वाले 8वें भारतीय हैं।

पुजारा टेस्ट क्रिकेट में 7 हजार रन बनाने वाले 8वें भारतीय हैं।

4. भारत के लिए नंबर-3 में हाईएस्ट रन बनाने वाले दूसरे भारतीय पुजारा भारत के लिए टेस्ट में नंबर-3 में खेलते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे ही बैटर हैं। उन्होंने इस पोजिशन में 6529 रन बनाए, जिनमें 18 शतक शामिल हैं। भारत के लिए इन दोनों आंकड़ों में सिर्फ राहुल द्रविड़ (10524 रन, 28 शतक) ही उनसे आगे हैं।

कुल मिलाकर, टेस्ट में नंबर-3 पर 6000+ रन बनाने वाले बल्लेबाज सिर्फ 5 हैं, कुमार संगकारा (11679), रिकी पोंटिंग (9904), केन विलियमसन (8658), हाशिम अमला (7993) और राहुल द्रविड़।

5. टेस्ट में सबसे तेज एक हजार रन बनाने वाले तीसरे भारतीय पुजारा ने टेस्ट करियर की शानदार शुरुआत की थी और मात्र 18 पारियों में 1000 रन पूरे कर लिए थे। भारत की ओर से यह तीसरा सबसे तेज रिकॉर्ड है। उनसे आगे विनोद कांबली (14 पारियां) और यशस्वी जायसवाल (16 पारियां) हैं।

6. SENA देशों की 11 जीत के हिस्सा रहने वाले एकमात्र भारतीय पुजारा ने भारत की 11 टेस्ट जीतों में हिस्सा लिया, जो SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) में आईं। यह किसी भी भारतीय खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा है। उनके बाद 10-10 जीतों के साथ विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह और केएल राहुल हैं।

इन मैचों में पुजारा के बेहतरीन प्रदर्शन में 2018-19 ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडीलेड और मेलबर्न में शतक और जोहान्सबर्ग (2018) व ब्रिस्बेन (2020-21) में अर्धशतक शामिल हैं।

पुजारा ने 2013 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में शतक लगाया था।

पुजारा ने 2013 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में शतक लगाया था।

7. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2018-19 में 1258 बॉल खेलें चेतेश्वर पुजारा ने 2018/19 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1258 बॉल खेलीं। यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में खेली गई दूसरी सबसे ज्यादा गेंदें हैं। उनसे ज्यादा सिर्फ राहुल द्रविड़ (1336 गेंदें, इंग्लैंड दौरा 2002) ने खेलीं। यही दो खिलाड़ी भारत की ओर से नंबर-3 पर किसी टेस्ट सीरीज (घर या बाहर) में 3+ शतक बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।

8. पुजारा ओपनिंग उतरकर एक पारी में नाबाद रहने वाले चौथे भारतीय पुजारा ओपनिंग उतरकर एक पारी में नाबाद रहने वाले चौथे भारतीय भी हैं। 2015 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में उन्होंने नाबाद 145 रन बनाए। इससे पहले सुनील गावस्कर (पाकिस्तान, फैसलाबाद 1983), वीरेंद्र सहवाग (श्रीलंका, गाले 2008) और राहुल द्रविड़ (इंग्लैंड, द ओवल 2011) ने यह कारनामा किया था।

तस्वीर 2015 की हैं, पुजारा ने श्रीलंका के खिलाफ ओपनिंग करते हुए शतक लगा दिया था।

तस्वीर 2015 की हैं, पुजारा ने श्रीलंका के खिलाफ ओपनिंग करते हुए शतक लगा दिया था।

9. ऑस्ट्रेलिया के नाथन लायन के खिलाफ 1296 बॉल खेलीं हाल के सालों में टेस्ट क्रिकेट का सबसे चर्चित मुकाबला था नाथन लायन vs पुजारा था। पुजारा ने लायन की 1296 गेंदें खेलीं और 13 बार आउट हुए। यह किसी भी गेंदबाज के खिलाफ उनका सबसे ज्यादा बार आउट होना है। लायन ने भी किसी बल्लेबाज को टेस्ट में सबसे ज्यादा बार (13) पुजारा को ही आउट किया। इसके बावजूद पुजारा का औसत 43.92 रहा।

10. फर्स्ट क्लास के चौथे हाईएस्ट क्रिकेट स्कोरर पुजारा ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 21,301 रन बनाए। यह आंकड़ा भारत के लिए सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के बाद चौथा सबसे बड़ा है। उन्होंने 66 शतक भी जमाए।

पुजारा सौराष्ट्र की ओर से 5 रणजी फाइनल में खेले। इनमें 2012-13, 2015-16 और 2018-19 में उपविजेता रहे और 2019-20 व 2022-23 में खिताब जीता। उन्होंने सौराष्ट्र के लिए सबसे ज्यादा रन (7774 रन) और (25) शतक बनाए।

11. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 18 दोहरे शतक लगाए पुजारा ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 18 दोहरे शतक लगाए। यह आंकड़ा दुनिया में चौथा सबसे बड़ा है। उनसे आगे सिर्फ सर डॉन ब्रैडमैन (37), वॉली हैमंड (36) और पैट्सी हेंड्रेन (22) हैं। भारत में यह रिकॉर्ड विजय मर्चेंट (11) के पास है।

पुजारा ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 3 तिहरे शतक जमाए। यह किसी भारतीय के लिए संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है। उनके साथ रवींद्र जडेजा भी 3 ट्रिपल शतक के साथ शामिल हैं।

चेतेश्वर पुजारा के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 66 सेंचुरी हैं।

चेतेश्वर पुजारा के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 66 सेंचुरी हैं।

12. पुजारा का डिफेंस शानदार रहा आज के दौर में जहां आक्रामक क्रिकेट खेलना और गेंदबाजों पर हमला करना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है, वहीं पुजारा अपने डिफेंसिव अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वे अब भी उन गिने-चुने बल्लेबाजों में शामिल हैं जो गेंदबाजों को थकाकर हराने में यकीन रखते हैं। उनके इस अंदाज की आलोचना भी हुई है, लेकिन इसी शैली ने उन्हें 7000 से ज्यादा रन और 19 शतक दिलाए।

पुजारा जब तक क्रीज पर रहे, तब तक भारत ने कुल 15,804 रन जोड़े। यानी जिन पारियों में वे खेले, उनमें भारत के लगभग 30.6% रन उनकी मौजूदगी के दौरान बने। उनसे आगे सिर्फ 2 भारतीय हैं। पूर्व कोच राहुल द्रविड़ (36%) और सुनील गावस्कर (34.9%)। सचिन तेंदुलकर (29.7%) और विराट कोहली (29.1%) चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

तेंदुलकर और कोहली की स्ट्राइक रेट 50 से ऊपर है, जबकि पुजारा की स्ट्राइक रेट 40 के आसपास है। इसी वजह से पुजारा का प्रतिशत उनसे ज्यादा निकलता है। सभी देशों की सूची में स्टीवन स्मिथ सबसे ऊपर हैं 36.9% के साथ, जबकि द्रविड़ अपने पसंदीदा नंबर-3 स्थान पर हैं।

13. पुजारा के क्रीज पर रहते भारत ने 33.4% बॉल का सामना किया अगर रन की जगह गेंदों से तुलना करें तो पुजारा अक्टूबर 2010 से अब तक कम से कम 100 बार बल्लेबाजी करने वाले 42 बल्लेबाजों में छठे स्थान पर हैं। उन्होंने करियर में 15,797 गेंदों का सामना किया है, लेकिन जब तक वे क्रीज पर रहे, तब तक विपक्षी गेंदबाजों ने 31,283 गेंदें फेंकीं।

यानी जिन पारियों में वे खेले, उनमें भारत की कुल गेंदों का 33.4% उनकी मौजूदगी के दौरान खेला गया। पिछले 12 सालों में सिर्फ 5 बल्लेबाज ही इस मामले में उनसे आगे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ पहले स्थान पर हैं।

14. पिछले 5 साल में सफल नहीं रहे पुजारा की लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता ने कई बार टीम के दूसरे बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका दिया है। लेकिन यह भी सच है कि पिछले 5 साल उनके लिए खास नहीं रहे।

2018-19 की ऑस्ट्रेलिया सीरीज के उनके 521 रन को छोड़ दे तो इसके बाद खेली गई 12 सीरीज में से सिर्फ दो बार ऐसा हुआ कि जब उन्होंने कम से कम तीन पारियां खेलीं तो उनका औसत 40 तक पहुंचा।

2018 से अब तक खेले गए 45 टेस्ट में पुजारा का औसत सिर्फ 34.53 रहा है और 79 पारियों में वे केवल 5 शतक ही बना सके। ये उनके पहले 54 टेस्ट के औसत (करीब 53) से काफी कम है। वहीं शतक बनाने की रफ्तार भी गिर गई है। पहले वे हर 6.4 पारियों में एक शतक लगाते थे, अब औसतन हर 15.8 पारियों में एक शतक आता है।

15. पुजारा और अजहर अली के रिकॉर्ड एक जैसे चेतेश्वर पुजारा और पाकिस्तान के नंबर-3 बल्लेबाज अजहर अली के आंकड़े लगभग एक जैसे हैं। अजहर ने अपने टेस्ट करियर में 97 मैच खेले। इस दौरान उनका 42.26 का औसत रहा। अजहर के नाम 19 शतक और 35 अर्धशतक हैं। पुजारा के भी इतने ही 19 शतक और 35 हैं।

अजहर की तरह ही पुजारा के भी अच्छे दिन 2017 तक थे। उस समय अजहर का औसत 46.62 था और उन्होंने 14 शतक लगाए थे, बिल्कुल पुजारा की तरह। लेकिन 2018 के बाद दोनों के आंकड़े गिरे। अजहर का औसत 34.11 और पुजारा का 34.53 रह गया, और दोनों ने ही 5-5 शतक बनाए।

2018 के बाद पुजारा के भारत में आंकड़े बुरी तरह गिर गए। विदेश में उनका औसत 38.52 से 35.80 थोड़ा ही कम हुआ, लेकिन घर में गिरावट 62.97 से 31 तक पहुंच गया। 2018 से पहले उन्होंने भारत में 55 पारियों में 10 शतक बनाए थे, लेकिन उसके बाद से 20 पारियों में एक भी शतक नहीं लगा पाए।

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