सी एम के नाम ज्ञापन देते आवाम – ए – टोंक के पदाधिकारी ।
राज्य सरकार ने 27 अगस्त और 9 सितंबर को मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर रोक लगाई है। इस आदेश के खिलाफ टोंक में अवाम-ए-टोंक संगठन से जुड़े लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। सदस्यों ने इसे लोकतंत्र का उल्लंघन बताते हुए इसे वापस लेने या फिर रमजान, ईद पर भी शर
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संगठन सदस्य एडवोकेट कासिफ जुबेरी ने बताया- भारत एक लोकतांत्रिक व्यवस्था वाला देश है। इसमें सरकार का कोई धर्म, पंथ या कोई मान्यताएं नहीं होती। सरकार की नज़र में प्रत्येक धर्म पंथ और प्रत्येक मान्यताएं एक समान मानी जाती है। लेकिन राजस्थान सरकार ने गत दिनों प्रत्येक नगर निगमों, नगर परिषदों, पालिका प्रशासन को आदेश देकर लोकतंत्र का उल्लंघन किया है।

सी एम के नाम दिए गया ज्ञापन।
बड़े तबके का व्यवसाय प्रभावित होगा
जुबेरी ने कहा- सरकार ने मांस, मछली, अंडे की बिकी समस्त प्रदेश में बंद रखने की निर्देश दिये हैं। जो सीधे तौर पर एक बड़ी संख्या के लोगों की व्यवसायिक गतिविधियों को प्रभावित करेगा। साथ ही अपने पंसद के भोजन के संवैधानिक अधिकार से वंचित करने की भी यह जबरन कोशिश है।
कोई व्यक्ति किस दिन क्या खाएगा या कौन क्या व्यापार करेगा, यह सरकार तय नहीं कर सकती। यह उसका संविधानिक अधिकार है, जिसको सिर्फ एक आदेश से छीना नहीं जा सकता। अगर ऐसा है तो फिर रमजान, ईद जैसे त्योहार पर शराब की बिक्री पर रोक क्यों नहीं हो सकती?