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- Maratha Reservation Protest Update; Manoj Jarange | Mumbai Azad Maidan Photos
मुंबई17 मिनट पहले
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मनोज जरांगे ने बुधवार को जालना के अंतरासाठी गांव से मुंबई के लिए यात्रा शुरू की थी।
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की भूख हड़ताल का आज दूसरा दिन है। जरांगे जालना से बुधवार को मुंबई के लिए निकले थे। उन्होंने 29 अगस्त को मुंबई आजाद मैदान में अनशन शुरू किया। जरांगे ने घोषणा की कि जब तक समुदाय की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।
मनोज ने चेतावनी दी कि हम अपना हक मांग रहे हैं, यह हमारी आखिरी लड़ाई है। सरकार समुदाय के धैर्य की परीक्षा न ले। अगर शिक्षा और नौकरियों में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर फैसला लेने में देरी होती है, तो वह अगले 2 दिनों में पानी पीना बंद कर देंगे।
जरांगे की मांग है कि सभी मराठों को नौकरी और शिक्षा में आरक्षण के लिए ओबीसी के तहत कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए। शुक्रवार को मुंबई पहुंचे सैकड़ों समर्थकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर शरण ली। कई प्रदर्शनकारियों ने अपनी गाड़ियों में रात बिताई।

महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण समितियों का कार्यकाल बढ़ाया
जरांगे के आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार ने वंशावली समितियों का कार्यकाल 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। ये समितियां ओबीसी कैटेगरी में आने वाली कुनबी जाति के पात्र मराठा समुदाय के लोगों को जाति और जाति वैधता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तालुका स्तर पर बनाई गई हैं।
25 जनवरी 2024 को वंशावली समितियों का गठन किया था और उनका कार्यकाल पहले 30 जून 2025 तक बढ़ाया था।
समर्थकों के कारण दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक जाम
शनिवार को मुंबई में सीएसएमटी और आसपास के इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने के लिए मनाने में जूझती रही। प्रदर्शनकारी शौचालय, पानी और शेल्टर जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती की गई।
आंदोलन के पहले दिन की तस्वीरें…

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के बाहर मौजूद मनोज जरांगे के समर्थक।

प्रदर्शनकारी राशन, गैस सिलेंडर, खाना पकाने के बर्तन और बिस्तर साथ लाए हैं।

जरांगे के समर्थक रात भर हुई बारिश में भीगते हुए ज़मीन पर कीचड़ से जूझते रहे।
मराठा आरक्षण आंदोलन पर किसने, क्या कहा…
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस: हम मराठों के मुद्दों को हल करने के लिए सकारात्मक है, चाहे वे सामाजिक और वित्तीय प्रकृति के हों और राजनीतिक आरक्षण से जुड़े न हों। कैबिनेट उप-समिति जरांगे की मांगों पर चर्चा कर रही है और संवैधानिक ढांचे के तहत हल निकालेगी।
- उपमुख्यमंत्री अजित पवार: सरकार ने राधा कृष्ण विखे पाटिल की अध्यक्षता में समिति बनाई है और उनके साथ चर्चा जारी है। मुझे विश्वास है कि बातचीत से समाधान अवश्य निकलेगा। महाराष्ट्र में, हमारा मानना है कि हर समुदाय को न्याय मिलना चाहिए।
2023 से लेकर अबतक 7वां अनशन
29 अगस्त 2023 को जालना के अपने अंतरवाली साठी गांव में मराठों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर पहली बार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। तब से यह उनका 7वां विरोध प्रदर्शन है।
जरांगे ने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले कई विरोध रैलियां और भूख हड़तालें की हैं। 20 फरवरी 2024 को एकनाथ शिंदे सरकार ने मराठों को 50% की सीमा से ऊपर 10% आरक्षण देने के लिए एक विधेयक पेश किया।
इस साल जनवरी में भी राज्य सरकार की ओर से भाजपा विधायक सुरेश धास के हस्तक्षेप के बाद, जारंगे ने छठे दिन अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी।
हालांकि इससे पहले 5 मई 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण देते समय 50% आरक्षण का उल्लंघन करने का कोई वैध आधार नहीं होने पर कॉलेजों, उच्च शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण को रद्द कर दिया था।