Kurukshetra Markanda River 10CM below danger mark | Kurukshetra news | कुरुक्षेत्र में मारकंडा खतरे के निशान से 10CM नीचे: नदी से सटे गांवों में पानी घुसा; शाम तक बढ़ेगा जलस्तर, 13 हजार एकड़ फसलें प्रभावित – Kurukshetra News


शाहाबाद के कठवा गांव में घुसा मारकंडा नदी का पानी।

कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी फिर खतरे के निशान के पास बह रही है। सुबह 9 बजे तक मारकंडा नदी में 25,400 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है। इस साल 15वीं बार मारकंडा नदी उफान पर है। मारकंडा नदी खतरे के निशान से करीब 10 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं कठवा गांव में पा

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गेज रीडर रविंद्र कुमार के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के काला अंब और नाहन में लगातार हुई बारिश से मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि काला अंब में नदी में पानी कम हो गया है। सुबह करीब 9 बजे काला अंब में 5,397 क्यूसेक पानी बह रहा है।

मारकंडा में 25 हजार क्यूसेक पानी

शाहाबाद में मारकंडा नदी में 25,400 क्यूसेक पानी है, यानी यहां पर मारकंडा नदी खतरे के निशान से थोड़ा नीचे है। शाम तक मारकंडा में 1 से 2 हजार क्यूसेक पानी और आने की आशंका है। इसी तरह अंबाला के मुलाना में भी नदी में पानी का जलस्तर बढ़ा है। यहां नदी में सुबह 9 बजे तक 23,548 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है।

कठवा गांव में पानी घुसा

मारकंडा नदी में जलस्तर बढ़ने से कठवा गांव के खेतों तक पानी पहुंच चुका है। इसके अलावा गुमटी, पट्टी जामड़ा, मुगल माजरा, मलकपुर, कलसाना और तंगौर में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। पिछले सप्ताह भी मारकंडा नदी खतरे के निशान तक पहुंच गई थी, जिससे कठवा, मुगल माजरा और तंगौर के गांव में पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालत बन गए थे।

शाहाबाद में सबसे ज्यादा गांव प्रभावित

जिला कुरुक्षेत्र में जलभराव से 13 हजार से ज्यादा एकड़ में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। इसमें ज्यादा नुकसान शाहाबाद में हुआ है। शाहाबाद में जलभराव और मारकंडा नदी की वजह से 55 गांव में करीब 9,775 एकड़ में खड़ी धान और गन्ने की फसल खराब होने की आशंका है। यहां 25 से 50 प्रतिशत फसलें जलभराव से प्रभावित हुई है।

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