हैदराबाद20 मिनट पहले
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हैदराबाद के ऐप-आधारित कैब ड्राइवर्स ने आज से यात्रा के दौरान कैब की एसी बंद रखने की घोषणा की है। ऐसा ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों के किराया तय करने की पॉलिसी के विरोध में किया जा रहा है। कैब ड्राइवर्स पहले ही एयरपोर्ट राइड्स का बहिष्कार कर रहे हैं।
कैब ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष शेख सलाहुद्दीन ने बताया कि टैक्सी सर्विस प्रोवाइडर्स और प्रीपेड टैक्सियों के किराए में करीब 300 से 400 रुपए तक का अंतर है। एयरपोर्ट से रिटर्न राइड के लंबे इंतजार (आमतौर पर 3-4 घंटे) और कंपनियों के 30% कमीशन की वजह से कमाई और कम हो जाती है।
यूनियन अप्रैल 2024 में भी इसी तरह का ‘नो एसी कैंपेन’ कर चुका है। तब ड्राइवर्स का तर्क था कि एसी चालू होने पर 16-18 रुपए खर्च प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। वहीं, एसी बंद रहने पर ड्राइवर्स को प्रति किलोमीटर 10-12 रुपए की कमाई होती है।

शहर के कैब ड्राइवर्स पहले से ही एयरपोर्ट राइड्स का बहिष्कार कर रहे हैं।
ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग में भेदभाव का मामला संसद पहुंच चुका इससे पहले ओला और उबर जैसी कैब कंपनियों पर आईफोन और एंड्रॉयड यूजर्स से अलग-अलग किराया वसूलने के मामला संसद तक पहुंचा चुका है। केंद्र सरकार ने 12 मार्च को संसद में बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
जनवरी में हुए एक सर्वे में एक ही राइड के लिए दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर अलग-अलग कीमतें देखी गईं। एक्सपर्ट्स इसे ‘डार्क पैटर्न’ का मामला बता रहे हैं। इसमें कीमतों में गैर-वाजिब बदलाव, जबरन वसूली और छिपे हुए शुल्क शामिल हो सकते हैं। यह करना कंज्यूमर कानून के तहत गैर-कानूनी है।

कंपनियों पर आरोप है कि वे आईफोन यूजर्स से ज्यादा किराया वसूल रही हैं, जबकि एंड्रॉयड यूजर्स को वही राइड सस्ती मिल रही है।
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