सदन से वॉकआउट करते हुए बीजेपी विधायक
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आज कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर हंगामा हो गया। बीजेपी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी। बाद में नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
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दरअसल, बीजेपी विधायक सत्तपाल सत्ती ने कर्मचारियों के डीए और एरियर से जुड़ा सवाल पूछा था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसका जवाब दिया। इसके बाद विपक्ष ने सप्लिमेंटरी सवाल पूछना चाहा। मगर स्पीकर ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद विपक्ष सदन से नारेबाजी करते हुए बाहर आ गया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, मुख्यमंत्री सुक्खू सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, सीएम ने बजट पेश करते हुए कहा था कि डीए की किश्त मई में जारी कर दी जाएगी। तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी डीए की किश्त नहीं दी गई। कर्मचारी बार-बार डीए की मांग उठा रहे हैं। कर्मचारियों का 11 प्रतिशत डीए फिक्स हो गया है।
जयराम ठाकुर ने कहा, पूर्व की वीरभद्र सरकार द्वारा छोड़ा गया एरियर भी पूर्व की भाजपा सरकार ने क्लियर किया था। अब मुख्यमंत्री सुक्खू कह रहे हैं कि 10 हजार करोड़ का एरियर पूर्व सरकार छोड़ गई है।
हिमाचल निर्माता को भारत रत्न की मांग उठेगी
विधानसभा में आज हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को भारत रत्न देने की मांग उठेगी। नाहन के विधायक अजय सोलंकी गैर सरकारी संकल्प के तहत डॉ. परमार के देश व प्रदेश के लिए योगदान को देखते भारत रत्न देने की मांग करेंगे।
4 अगस्त 1906 को सिरमौर में जन्मे यशवंत सिंह परमार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक प्रमुख नेता थे। हिमाचल प्रदेश को अस्तित्व में लाने और विकास की आधारशिला रखने में उनका बड़ा योगदान रहा है। उनके प्रयासों से ही 15 अप्रैल 1948 को 30 रियासतों के विलय के बाद हिमाचल प्रदेश बन पाया।
25 जनवरी 1971 को इस प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा उनके प्रयासों से मिला। वह 1952 से 56 तक हिमाचल के मुख्यमंत्री, 1957 में सांसद और 1963 से 24 जनवरी 1977 तक हिमाचल के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। आज उन्हें भारत रत्न देने की वकालत की जाएगी।

हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही का संचालन करते हुए स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया (फाइल फोटो)
अपनी ही सरकार को घेर सकते हैं कुलदीप राठौर
वहीं, विधानसभा में आज शिमला से बागवानी निदेशालय को शिमला से ठियोग के लिए शिफ्ट करने का मामला भी गूंज सकता है। ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने इससे जुड़ा सवाल पूछ रखा है।
सूत्रों की माने तो राठौर ने तीन दिन पहले कांग्रेस विधायक दल मीटिंग में राजधानी शिमला से सरकारी दफ्तरी धर्मशाला शिफ्ट करने पर एतराज जताया था। लिहाजा आज सप्लिमेंटरी सवाल के जरिए यह मामला विधानसभा में गूंज सकता है।
कुलदीप राठौर अपनी ही सरकार को दफ्तर शिफ्ट करने के मसले पर घेर सकते हैं, क्योंकि हिमाचल सरकार रेरा, पर्यटन निगम समेत कई दफ्तर धर्मशाला शिफ्ट करने का फैसला कर चुकी है।
इको टूरिज्म पॉलिसी पर चर्चा होगी
विधानसभा में आज इको टूरिज्म पॉलिसी और हिमालयी पारिस्थितिकी संरक्षण की समीक्षा पर भी चर्चा होगी। बीजेपी विधायक जेआर कटवाल ने इसे लेकर गैर सरकारी संकल्प का नोटिस दे रखा है।