शिमला के सर्कुलर रोड पर बारिश के बीच दौड़ते हुए वाहन
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में रात से बारिश जारी है। मौसम विभाग ने आज सुबह 8 बजे तक किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कांगड़ा और मंडी जिला में आज भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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कल यानी 13 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला ऑरेंज अलर्ट दिया गया है, जबकि 14 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
थोड़ी राहत की बात यह है कि 15 अगस्त को प्रदेश के ज्यादातर भागों में मानसून कमजोर पड़ेगा। इस दिन शिमला और कुल्लू जिला में ही बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है। 16 व 17 अगस्त को मानसून और ज्यादा कमजोर हो जाएगा।

मानसून सीजन में सामान्य से 10% ज्यादा बरसे बादल
इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। 20 जून से 11 जुलाई तक 463.7 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 509.5 मिलीमीटर बादल बरस चुके है।
शिमला जिला में सामान्य से 69 प्रतिशत ज्यादा, मंडी में 55%, बिलासपुर में 40%, हमीरपुर 38%, कुल्लू 39%, सिरमौर 18%, सोलन 25% और ऊना में नॉर्मल से 44% ज्यादा बारिश हुई। वहीं लाहौल स्पीति में सामान्य से 68% कम, चंबा में 11%, कांगड़ा 2% और किन्नौर में सामान्य से 1% कम बादल बरसे है।
कब दिया जाता है ऑरेंज-अलर्ट
बता दें कि जब 24 घंटे के भीतर 64.5-115.5 मिलीमीटर (MM) बारिश होने का पूर्वानुमान हो तो उस सूरत में यलो अलर्ट दिया जाता है। 115.6 MM से 204.4 MM बारिश होने की संभावना पर ऑरेंज अलर्ट और 24 घंटे के 204 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश की संभावना पर रेड अलर्ट दिया जाता है।
मानसून में 229 लोगों की मौत
प्रदेश में अब तक मानसून सीजन में 229 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग लापता है। भारी बारिश से 2007 करोड़ की प्राइवेट व सरकारी संपत्ति भी नष्ट हो चुकी है।
राज्य में 499 मकान पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 157 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। 311 दुकानें और 1955 गौशालाएं भी मानसून की भारी बारिश से नष्ट हुई है।
बादल फटने की 30 घटनाएं हो चुकी
प्रदेश में इस सीजन में लैंडस्लाइड की 54 घटनाएं, फ्लैश फ्लड की 59 और बादल फटने की 30 घटनाएं पेश आई है। इससे जान और माल दोनों को भारी नुकसान हुआ है।