Himachal Chief Justice interview former current CS RERA Chairman Parbodh Saxena Shimla | हिमाचल के चीफ जस्टिस CS का लेंगे इंटरव्यू: रेरा चेयरमैन-मेंबर का करेंगे चयन; 10-11 मार्च को बुलाए दावेदारी जताने वाले अफसर – Shimla News

हिमाचल के चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया मौजूदा चीफ सेक्रेटरी (CS) प्रबोध सक्सेना और पूर्व CS आरडी धीमान का इंटरव्यू करेंगे। दरअसल, पूर्व और मौजूदा CS ने रियल एस्टेट डेवलपमेंट ऑथोरिटी (रेरा) चेयरमैन पद के लिए सरकार के पास आवेदन कर रखा है।

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रेरा चेयरमैन का चयन चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली कमेटी करती है। इसमें सचिव वित्त और सचिव लॉ सदस्य है। राज्य के चीफ जस्टिस ने नए रेरा चेयरमैन के चयन से पहले इंटरव्यू की इच्छा जताई है। वहीं पूर्व में आज के लिए रेरा चेयरमैन की चयन समिति की मीटिंग रखी गई थी। इंटरव्यू की वजह से मीटिंग नहीं हो पाई।

10-11 को इंटरव्यू

रेरा चेयरमैन के लिए 10 मार्च को इंटरव्यू होंगे, जबकि रेरा मेंबर के 2 खाली पदों के लिए 11 मार्च को इंटरव्यू लिए जाएंगे। इसके बाद कमेटी सरकार से रेरा चेयरमैन और मेंबर की नियुक्ति के लिए नाम भेजेगी।

बता दें कि मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने रेरा चेयरमैन बनने को आवेदन कर रखा है। वहीं पूर्व मुख्य सचिव एवं मुख्य सूचना आयुक्त आरडी धीमान ने भी रेरा चेयरमैन के लिए दावेदारी जताई है।

इसी तरह रेरा में दो मेंबर के पद भी खाली पड़े है। रेरा मेंबर के लिए भी 12 रिटायर IAS-IFS ने आवेदन कर रखा है।

इन्होंने रेरा मेंबर के लिए किया आवेदन।

इन्होंने रेरा मेंबर के लिए किया आवेदन।

इन्होंने भी किया आवेदन

रेरा मेंबर के लिए रिटायर IAS एसएस गुलेरिया, अमित कश्यप, हंसराज चौहान, पूर्व लॉ सेक्रेटरी राजीव भारद्वाज, पूर्व प्रधान मुख्य वन्य अरण्यपाल (PCCF) डॉ. सविता, पूर्व PCCF पवनेश कुमार इत्यादि ने आवेदन कर रखा है।

दिसंबर से खाली पड़ा रेरा चेयरमैन का पद

हिमाचल में रेरा अध्यक्ष का पद दिसंबर 2024 से खाली पड़ा है। इस पद से 12 दिसंबर को श्रीकांत बाल्दी रिटायर हुए हैं। तब से रेरा चेयरमैन का अतिरिक्त कार्यभार सचिव हाउसिंग देख रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने रेरा चेयरमैन के लिए आवेदन मांगे थे।

रेरा का ये काम

प्रदेश में काम करने वाले बिल्डरों का रेरा में पंजीकरण होता है। उसके बाद ही बिल्डर हिमाचल में आवासीय कॉलोनियां बना पाते हैं। बिल्डर अगर फ्लैट बेचने में लोगों के साथ धोखाधड़ी करता हैं, तो पीड़ितों की शिकायत भी रेरा में ही सुनी जाती है। गलती पाए जाने पर बिल्डरों पर जुर्माना लगाया जाता है।

यहीं नहीं अगर बिल्डर मौके पर गलत काम कर रहा है, तो इस स्थिति में रेरा के तहत ही बिल्डरों पर कार्रवाई होती है। बताया जा रहा है कि इसी सप्ताह सरकार की ओर से रेरा के लिए लोगों से आवेदन मांगे जाएंगे। अध्यक्ष पद और एक सदस्य के लिए प्रशासनिक सेवाओं का अनुभव जरूरी होता है। जबकि एक सदस्य के लिए वास्तुकार का अनुभव जरूरी है।

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