कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से लगे टीजीटी व संस्कृत अध्यापक, नहर विभाग, वन विभाग, पंचायती राज विभाग तथा अन्य विभागों के कर्मचारियों की बर्खास्तगी व सर्विस सिक्योरिटी के नाम पर इन युवाओं से किए गए फर्जीवाड़े पर कांग्रेस महासचिव और सांसद
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सुरजेवाला ने कहा कि कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नौकरी लगे कर्मचारियों की नौकरी बर्खास्त करके हरियाणा की भाजपा सरकार व नायब सैनी ने इन युवाओं की पीठ में खंजर घोंपा है। सबसे पहली बात तो यह है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद हमारे युवाओं को नौकरियां मिलती ही नहीं, तो दूसरी ओर वर्षों तक भर्तियों को लटका कर रखा जाता है।
एग्जाम में पेपर लीक का मुद्दा उठाया
रणदीप ने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया आरंभ भी होती है, तो परीक्षाओं के पर्चे लीक हो जाते हैं। अगर कोई भर्ती पूरी भी हो जाती है, तो उसमें बाहरी उम्मीदवारों को भर दिया जाता है। भाजपा के राज में तो हरियाणा में कहावत बन गई है कि “अफसर बाहर के और चपड़ासी म्हारे”। भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए रणदीप ने कहा कि हमारे बच्चे या तो चपरासी लगने को मजबूर हैं या HKRN जैसी एजेंसीज के माध्यम से ठेके की नौकरियां करने को मजबूर हैं। पर अब, भाजपा सरकार इन HKRN की नौकरियों को भी बर्खास्त कर नौजवानों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर कर रही है।

कांग्रेस सांसद सरकारी दस्तावेजों को दिखाते हुए।
यहां पढ़िए सुरजेवाला के सिलसिलेवार आरोप…
1. HKRN के माध्यम से हरियाणा में ठेके की लगभग 1 लाख 20 हजार नौकरियां हैं। इनमें से 98 प्रतिशत युवा यानी 1 लाख 10 हजार युवा साल 2020-21 या इसके बाद लगे हैं। इनमें से भी ज्यादातर चुनाव से ठीक पहले साल 2023 व 2024 में लगाए गए। अब इन सब युवाओं की नौकरी पर नायब सैनी सरकार के फैसले से तलवार टंग गई है।
2. पिछले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री, नायब सैनी ने बड़ी-बड़ी डींगें हांकते हुए यह कहा कि HKRN की नौकरी से किसी युवा को हटाया नहीं जाएगा और उनकी बात “पत्थर की लकीर” है। अब हजारों युवाओं की बर्खास्तगी व नायब सैनी सरकार द्वारा जारी किए गए बर्खास्तगी के नए फरमानों के बाद यह “पत्थर की लकीर” अब “रेत की दीवार” की तरह ढह गई है।
3. नायब सैनी सरकार ने 25 मार्च, 2025 को, HKRN के माध्यम से एक तुगलकी फरमान जारी किया, जिसमें साफ कहा गया है कि HKRN के सभी कर्मचारियों को केवल 31 मार्च, 2025 तक ही सेवा में रखा जाएगा। अगर HKRN से लगे किसी कर्मचारी को 31 मार्च, 2025 के बाद सेवा में रखा जाना है, तो फिर HSSC तथा वित्त विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है।
4. दूसरा धोखा करते हुए नायब सैनी सरकार ने 15 जनवरी, 2025 व 3 अप्रैल, 2025 को चीफ सेक्रेटरी हरियाणा सरकार से आदेश जारी करवा यह साफ कह दिया कि HKRN के केवल उन कर्मचारियों को ‘सिक्योरिटी ऑफ सर्विस” दी जाएगी, जो 15 अगस्त 2019 से पहले HKRN या कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से लगे हैं।
15 अगस्त, 2019 के बाद HKRN के माध्यम से लगे कर्मचारियों को “फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट” के सिद्धांत से नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।
अब तक कितने कर्मचारियों की जा चुकी नौकरी
नायब सैनी सरकार के इन युवा विरोधी फरमानों की गाज अब हरियाणा के युवाओं की नौकरी बर्खास्तगी के रूप में पड़ने लगी है। बर्खास्तगी के कुछ आदेश दिए जा चुके हैं। जिसमें 2 अप्रैल 2025 को 252 पीजीटी अध्यापकों की नौकरी बर्खास्त कर दी गई। वहीं 19 मार्च को नहर विभाग के द्वारा HKRN में लगे 128 कर्मचारियों की नौकरी बर्खास्त कर दी गई।
31 मार्च को वन विभाग फतेहाबाद, सिरसा तथा पानीपत द्वारा HKRN कर्मचारियों की नौकरी बर्खास्त कर दी गई। पंचायती राज विभाग, करनाल, जगाधरी व छछरौली ने भी 31 मार्च, 2025 को HKRN से लगे कर्मचारियों की नौकरी बर्खास्त कर दी। इनके अलावा भी सैकड़ों और नौकरियों की बर्खास्तगी के ऑर्डर या तो जारी कर दिए गए हैं या जारी किए जा रहे हैं।