Eternal Ltd (Zomato) Faces ₹40 Crore GST Tax Demand, Will Appeal | GST डिपार्टमेंट ने जोमैटो से ​​​​​​​₹40 करोड़ टैक्स मांगा: इसमें ₹21.42 करोड़ का ब्याज शामिल; डिमांड को कोर्ट में चुनौती देगी कंपनी

बेंगलुरु39 मिनट पहले

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कंपनी ने अपने रेगुलटरी फाइलिंग में बताया कि वह इस मांग को कोर्ट में चुनौती देने वाली है। - Dainik Bhaskar

कंपनी ने अपने रेगुलटरी फाइलिंग में बताया कि वह इस मांग को कोर्ट में चुनौती देने वाली है।

GST डिपार्टमेंट ने जोमैटो (इटर्नल) से 40 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड की है। यह टैक्स डिमांड जुलाई 2017 से मार्च 2020 के बीच के ऑडिट और जांच पर बेस्ड हैं।

कंपनी को मिले 3 नोटिस में ₹17.19 करोड़ GST, ₹21.42 करोड़ ब्याज और ₹1.71 करोड़ पेनल्टी शामिल हैं। ये ऑर्डर GST जॉइंट कमिश्नर बेंगलुरु ने दिए हैं।

कंपनी ने अपने रेगुलटरी फाइलिंग में बताया कि वह इस मांग को कोर्ट में चुनौती देने वाली है। कंपनी ने कहा है कि उन्हें कानून के हिसाब से अपने पक्ष में फैसला आने की उम्मीद है। जल्द ही अपील की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।

पहली तिमाही में इटरनल की कमाई 69% बढ़ी

वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1FY26) में 7,521 करोड़ रुपए की कुल कमाई की है। यह पिछले साल के मुकाबले 69.31% ज्यादा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 4,442 करोड़ रुपए की कमाई की थी।

कुल कमाई में से कर्मचारियों की सैलरी और टैक्स जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 25 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। सालाना आधार (2025 के अप्रैल-जून) पर यह 90% गिरा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 253 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।

फूड डिलीवरी बिजनेस से आगे निकला क्विक कॉमर्स

इटरनल ने बताया कि यह पहली तिमाही है, जब कंपनी के क्विक कॉमर्स सेगमेंट ने कंपनी के इतिहास में फूड डिलीवरी सेगमेंट की तुलना में ज्यादा नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) दर्ज की है।

जून तिमाही में कंपनी के क्विक डिलीवरी सर्विस सेगमेंट (ब्लिंकिट) की नेट ऑर्डर वैल्यू ₹9,203 करोड़ रही। वहीं कंपनी के फूड डिलीवरी बिजनेस की नेट ऑर्डर वैल्यू ₹8,967 करोड़ रही।

जोमैटो ने 20 मार्च 2025 को अपना नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड किया था। स्टॉक एक्सचेंज (BSE-NSE) पर नए नाम 'इटरनल' के साथ ऑफिशियल लिस्टिंग 9 अप्रैल 2025 को हुई थी।

जोमैटो ने 20 मार्च 2025 को अपना नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड किया था। स्टॉक एक्सचेंज (BSE-NSE) पर नए नाम ‘इटरनल’ के साथ ऑफिशियल लिस्टिंग 9 अप्रैल 2025 को हुई थी।

दीपिंदर ने 2008 में बनाई थी फूडीबे

  • दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने मिलकर साल 2008 में फूडीबे नाम से अपनी फूड डायरेक्टरी वेबसाइट लॉन्च की थी। केवल नौ महीनों में, FoodieBay दिल्ली एनसीआर में सबसे बड़ी रेस्टोरेंट डायरेक्टरी बन गई।
  • दो साल के बाद 2010 में, कंपनी का नाम बदलकर जोमैटो कर दिया गया। दिल्ली-एनसीआर में अपनी सफलता के तुरंत बाद कंपनी ने पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में ब्रांच फैलानी शुरू कर दी।
  • 2012 तक जोमैटो ने श्रीलंका, यूएई, कतर, दक्षिण अफ्रीका, यूके और फिलीपींस में अपनी सर्विसेज बढ़ाकर विदेशों में विस्तार करना शुरू कर दिया था। 2013 में न्यूजीलैंड, तुर्की और ब्राजील को इस लिस्ट में जोड़ा गया।
  • जोमैटो देश का पहला फूड-टेक यूनिकॉर्न है। 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा वैल्यू वाले स्टार्टअप को यूनिकॉर्न कहा जाता है। जोमैटो ने पहली बार फाइनेंशियल ईयर 2024 की पहली तिमाही में 2 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था।
  • जोमैटो एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों, रेस्टोरेंट पार्टनर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को जोड़ता है। फूड डिलीवरी के अलावा ग्रॉसरी डिलीवरी के लिए जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने अगस्त 2022 में ब्लिंकिट खरीदा था।

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