चंडीगढ़ में 1.3 करोड़ की साइबर ठगी मामले में सेक्टर 17 थाना साइबर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मुंबई के रहने वाले जोशुआ ऑस्कर नेविस के रूप में हुई है।
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पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर 32 निवासी दिनेश कश्यप ने बताया कि उसके पास एक दिन वॉट्सऐप पर मैसेज आया। मैसेज करने वाले ने खुद को उसका बॉस बताया और कहा- मैं मीटिंग में हूं, और एक नए प्रोजेक्ट के लिए तुरंत एडवांस पेमेंट करनी है। शिकायतकर्ता ने भरोसा कर ₹1.3 करोड़ रुपए ICICI बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
वॉट्सऐप पर लगी थी बॉस की डीपी
दिनेश ने पुलिस को बताया कि जिस वॉट्सऐप नंबर से मैसेज आया था, उसकी डीपी पर उसके बॉस की फोटो लगी हुई थी। इसलिए उसे लगा कि शायद उसके बॉस को पैसों की जरूरत है और उसने पैसे ट्रांसफर कर दिए। लेकिन बाद में जब उसकी अपने बॉस से बात हुई तो उसने पूछा कि भेजे गए पैसे आपको मिल गए? इस पर बॉस ने कहा- कौन से पैसे, मैंने कब तुमसे पैसे मांगे?

आरोपी को ले जाती पुलिस।
यह सुनकर दिनेश को झटका लगा। उसने कहा- सर, आपने कुछ देर पहले मुझे वॉट्सऐप मैसेज भेजा था और कहा था कि एक नए प्रोजेक्ट के लिए तुरंत एडवांस पेमेंट करनी है, जिसके बाद उसने पैसे ट्रांसफर कर दिए। बॉस ने साफ किया कि उसने कोई मैसेज नहीं भेजा और न ही कोई पैसे मांगे हैं, न ही किसी प्रोजेक्ट के लिए एडवांस चाहिए।

बॉस बनकर भेजा आरोपी ने मैसेज।
मुंबई से दबोचा आरोपी
साइबर थाना पुलिस ने मामले में दिनेश की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली। इसके बाद डीएसपी वेंकटेश की सुपरविजन में इंस्पेक्टर इरम रिजवी की अगुआई वाली टीम ने जिस नंबर से वॉट्सऐप कॉल आई थी उसे ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन मुंबई की आई। इसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एक टीम मुंबई रवाना कर दी गई। वहां पुलिस ने ट्रेस करते हुए आरोपी जोशुआ ऑस्कर नेविस को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह टेलीग्राम के जरिए एक व्यक्ति के संपर्क में आया था। उस व्यक्ति के कहने पर उसने अपना बैंक अकाउंट किट, चेक बुक, डेबिट कार्ड और रजिस्टर्ड सिम थर्ड पार्टी को दे दिया था, जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए हुआ।