1.40 करोड़ की साइबर ठगी का अरोपी गिरफ्तार।
चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने 1.4 करोड़ रुपए की ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम दीपक है और वह हरियाणा के झज्जर का रहने वाला है।
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शिकायत के अनुसार, चंडीगढ़ के एक व्यक्ति और उसकी पत्नी से मिलाकर करीब ₹1.40 करोड़ की ठगी की गई। ठगों ने एक फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट बनाई और उसमें लोगों को निवेश करने के लिए फंसाया। पकड़ने की कार्रवाई डीएसपी ए. वेंकटेश की निगरानी और इंस्पेक्टर इरम रिजवी की अगुआई में हुई।
शिकायतकर्ता को पहले एक वॉट्सऐप ग्रुप “डब्ल्यू6 स्टॉक अपट्रेंड क्लब” में जोड़ा गया। वहां ठगों ने खुद को JM फाइनेंशियल कंपनी का प्रतिनिधि बताकर विश्वास दिलाया। शुरुआत में छोटे-छोटे मुनाफे दिखाए गए, लेकिन जब शिकायतकर्ता ने बड़ी रकम निकालनी चाही तो पैसे अटका दिए गए।

आरोपी को ले जाती पुलिस।
फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर पुलिस जांच में सामने आया कि ठगे गए पैसे कई फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में घुमाए गए और बाद में यह रकम एम/एस मावोना लॉजिस्टिक्स सर्विसेज (बंधन बैंक) के जरिए दीपक के कोटक महिंद्रा बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की गई।
इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हरियाणा के झज्जर में छापा मारकर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
पूछताछ में आरोपी दीपक ने बताया कि उसने अपना बैंक अकाउंट किट, चेकबुक, डेबिट कार्ड और रजिस्टर्ड सिम किसी अन्य शख्स को दे दिए थे। इसके अलावा दीपक का एक और खाता एक्सिस बैंक में है, जिसका इस्तेमाल दूसरी ठगी में किया गया।
एक और ठगी का मामला चंडीगढ़ में ऑनलाइन फ्रॉड के इस आरोपी पर एक और शिकायत दर्ज हुई है। इस बार एक अन्य चंडीगढ़ निवासी ने पुलिस को बताया कि उसने करीब ₹26.50 लाख का निवेश किया था और उसके साथ भी ठगी हुई।
पीड़ित ने बताया कि वह यूट्यूब शॉर्ट्स पर आए एक पॉप-अप विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़ा। इस ग्रुप में लोगों को लुभाने के लिए फर्जी लेक्चर, क्विज और झूठी सफलता की कहानियां दिखाई जाती थीं। शुरुआत में जब पीड़ित ने निवेश किया तो उसे कुछ छोटे लाभ दिखाए गए, लेकिन जैसे-जैसे रकम बढ़ती गई, पैसे वापस नहीं मिले। जब उसने पैसे वापसी की मांग की तो उससे और पैसे मांगे गए और कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी गई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि इसी केस में उसके ₹5 लाख आरोपी दीपक के एक्सिस बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस अब इस मामले की भी जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

आरोपी से पुलिस पूछताछ में और होंगे खुलासे।
2 मामलों में राशि फ्रीज पुलिस जांच के मुताबिक, अब तक आरोपी के बैंक खातों से दो मामलों में राशि फ्रीज कराई गई है। एफआईआर 54/2025 में पुलिस ने उसके अकाउंट से ₹65,057 फ्रीज करवाए, जबकि एफआईआर 79/2025 में करीब ₹12 लाख फ्रीज किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि बैंक खातों की जांच जारी है और बाकी ठगी गई रकम की रिकवरी की प्रक्रिया भी चल रही है। आरोपी इस समय पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ हो रही है। साथ ही, पुलिस उसकी मदद करने वाले अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।