लखनऊ विश्वविद्यालय में विलुप्त हो रही प्रजातियों पर दिग्गज मंथन करेंगे। इस दौरान फ्रांस और जर्मनी के एक्सपर्ट भी मौजूद रहेंगे। इन प्रजातियों के बारे में जानने के साथ उन्हें सहेजना भी बेहद जरूरी है। ये कहना है- लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के प्
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कैंपस@लखनऊ सीरीज के 152वें एपिसोड में लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो.एम. सिराजुद्दीन से खास बातचीत..
प्रो.सिराजुद्दीन कहते हैं कि जरूरी प्रजातियां भी तेजी से विलुप्त हो रही हैं। इनके पीछे बड़ा कारण क्लाइमेट चेंज हैं। इसके अलावा हैबिटैट का डिस्ट्रक्शन भी इसके पीछे बड़ी वजह है। जैसे बहुत सारे डैम बन रहे हैं। इनके चलते मछलियों का जीवन मुश्किल हो रहा।
उन्होंने कहा- ऐसे ही जंगल खत्म हो रहे हैं, जिसके चलते कई वाइल्ड लाइफ के जीवन पर संकट आ गया हैं। ऐसे में आज इस पर डिस्कशन और मंथन बेहद जरूरी है।