चंडीगढ़ के मां काली माता मंदिर में माथा टेकर नए करियर की शुरूआत की।
बॉलीवुड एक्टर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अब ब्लॉगर बन गई हैं। उन्होंने अपने नए करियर की शुरुआत सिटी ब्यूटीफुल यानी चंडीगढ़ से की है। इस दौरान वह चंडीगढ़ के धनास स्थित माता काली मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। खास बात यह रही कि मंदिर तक पहुंचने के लि
.
पिछला समय काफी मुश्किल भरा रहा है
सुनीता ने बताया कि पिछले डेढ़ साल उनके लिए बेहद मुश्किल भरे रहे। “पता नहीं लोगों ने क्या-क्या बातें बना लीं। मेरे तलाक को लेकर अफवाहें उड़ाईं और परिवार के बारे में भी कई तरह की बातें की गईं। जब भी मैं दुखी होती हूं, तो एक ही जगह जाती हूं – अपनी माता रानी के दरबार में। इसलिए मैं आपको भी उस मंदिर लेकर जाती हूं।”

बाइक पर मंदिर जाते हुए सुनीता आहूजा।
इसलिए चंडीगढ़ को चुना
सुनीता ने कहा कि मैं बीबी नंबर एक हूं। उसने अपने चैनल का नाम बीबी नंबर-1 का नाम दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई भी नई शुरुआत भगवान का आशीर्वाद लिए बिना अधूरी है। इसी कारण वह चंडीगढ़ आईं और मां महाकाली व काल भैरव के दर्शन किए। उन्होंने दिल से प्रार्थना की कि उनका नया अध्याय खुशियों और आशीर्वाद से भरा रहे।
घर तोड़ने वालों को बख्शेंगी नहीं
मंदिर में सुनीता ने कहा कि बचपन से मेरी मम्मी मुझे मंदिर लेकर जाती थी। मैं महा लक्ष्मी मंदिर जाती थी। मेरी वह माता प्रिय है। जब मैं सात आठ साल की थी। जब मैं गोविंदा से मिली तो माता से यहीं मांगने गई कि मेरी शादी गोविंदा से हो जाए। जीवन अच्छा से जीए।
सब मन्नत मां ने पूरी की। शादी भी हाे गया। दो अच्छे बच्चे भी दे दिए। लेकिन सब सुख मिलना आसान नहीं होता है। ऊंच नीच भी जीवन में हो जाता है। मैं माता पर इतना विश्वास करती हूं कि कोई भी मेरे घर तोड़ने की कोशिश करे । मैं सब जानती हूं कि वह बैठी है काली माता। आज जो भी मेरा दिख दुखाएगा। यह मां काली सबके गले काट रखा रखकर देगी। एक अच्छी औरत को दुख देना अच्छी बात नहीं है। मां काली, मां सरस्वती और मा लक्ष्मी मेरी मां जैसी है। जो मेरे घर तोड़ने की कोशिश करेगी उसे मां बख्शेंगी नहीं।

गोविंदा और उसकी पत्नी
कैसे शुरू हुईं थी तलाक की खबरें
सुनीता आहूजा ने कुछ समय हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वो और गोविंदा पिछले 12 सालों से अलग रह रहे हैं। वहीं दूसरे इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वो अपना जन्मदिन अकेले शराब पीकर मनाती हैं। सुनीता के ये बयान वायरल हो गए और तलाक की खबरें सुर्खियों में आ गईं। इस दौरान मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि 61 साल के गोविंदा का 30 साल की मराठी एक्ट्रेस के साथ अफेयर चल रहा है। इस वजह से सुनीता शादी के 38 साल बाद तलाक लेना चाहती हैं।

सुनीता आहूजा के बारे में जानकारी देते हुए राहुल गुप्ता।
क्या है चंडीगढ़ के मंदिर का इतिहास मंदिर कमेटी के सदस्य कृष्ण कुमार राहुल गुप्ता ने बताया कि यह मंदिर चंडीगढ़ बसने से पहले का है। बताया जाता है कि 1966 में यहाँ ‘साउथ की एक कॉलोनी’ हुआ करती थी। उसी समय एक व्यक्ति को माता ने सपने में दर्शन दिए और मंदिर स्थापित करने के लिए कहा। इसके बाद यहाँ मंदिर की स्थापना की गई। यहां माता काली लेटे हुए रूप में प्रतिमा है। यहां की कमेटी है। सुनीता आहूजा ने पहले एक लड़का मंदिर भेजा था। उसके बाद कहा था कि वह मंदिर आएगी। इसके बाद वह मदिर पहुंची थी और यहां आकर पूजा पाठ और वीडियो बनाया। उन्होंने मांग से मन्नम मांगी हुई थी।