आम आदमी पार्टी के नेता व सांसद संजय सिंह।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने संसद में बिहार में जारी विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) पर चर्चा नहीं कराने को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का चर्चा से भागना इस बात का संकेत है कि उसे इस चुनावी घोटाल
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संजय सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारी चुनावी भ्रष्टाचार हुआ। आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय मंत्रियों के घरों पर 30–35 वोट मिलने और भाजपा नेताओं द्वारा 14 विधानसभाओं में हजारों वोट कटवाने के आवेदन देने के सबूत पेश किए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डोनाल्ड ट्रंप के नाम के वोट बनाए जा रहे हैं
संजय सिंह ने कहा, “अगर एसआईआर पर चर्चा किए बिना सदन का काम आगे बढ़ता है, तो इसका मतलब है कि मोदी सरकार को लोकतंत्र में हो रहे बड़े चुनावी घोटाले से कोई सरोकार नहीं है।”
उन्होंने बताया कि दिल्ली चुनाव में भाजपा ने वोटों का बड़ा घोटाला किया। कई वर्षों से रह रहे लोगों के वोट काटे गए, जबकि उनके पास आधार कार्ड और अन्य प्रमाण मौजूद थे। संजय सिंह का दावा है कि दिल्ली चुनाव भाजपा ने महज 2% के अंतर से जीता, लेकिन उसमें 7–8% का घोटाला हुआ। उन्होंने कांग्रेस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस चुप रही, जबकि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक था।
उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, हरियाणा और अन्य राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ने यही तरीका अपनाया। बिहार में तो मृत लोगों और यहां तक कि डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर भी वोट बनाए जा रहे हैं।
वोट चोरी से देश का फर्जीवाड़ा उजागर हो जाएगा
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव आयोग वोट चोरी के मुद्दे पर छिपकर भाग रहा है और भाजपा के नेता उसकी वकालत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर चुनाव आयोग विपक्ष को मतदाता सूची की डिजिटल कॉपी दे दे, तो सिर्फ एक हफ्ते में पूरे देश का फर्जीवाड़ा सामने आ जाएगा।”
सौरभ ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को जानबूझकर इतना कठिन बना रखा है कि महीनों रिसर्च करनी पड़े, तभी सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार बदलने पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के अन्य अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा, क्योंकि वे बड़े स्तर पर हो रहे चुनावी अपराध में साझेदार हैं।