संजय ने कहा कि मनीषा की भजनों और कविताओं में बहुत रुचि थी।
हरियाणा के भिवानी जिले की लेडी टीचर मनीषा के पिता संजय अब CBI से न्याय मिलने की उम्मीद लगा रहे हैं। पिता बोले- हमें उम्मीद है कि CBI दरिंदों को खोजकर बाहर निकालेगी। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं। घर में मेरी बेटी ने छोटा सा मंदिर बनाया था। अब वह सून
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21 अगस्त को मनीषा के संस्कार के बाद पहली बार पिता संजय ने दैनिक भास्कर एप के साथ अपनी बात साझा की। बोले- हम इसी उम्मीद में हैं कि बेटी को जल्दी से जल्दी न्याय मिलेगा। सरकार ने एक झटके में CBI से जांच कराने की बात तो मान ली। अब CBI जल्द जांच कर चार्जशीट पेश करे।
संजय को इस बात का मलाल है कि लोकल पुलिस उन लोगों को परेशान कर रही है, जिन्होंने मनीषा के परिवार का साथ दिया। पिता ने कहा- प्रशासन से हाथ जोड़कर अपील है कि ऐसा न करे। उन लोगों ने तो हमारे लिए आवाज उठाई थी।
बता दें कि सोमवार (25 अगस्त) रात को CM नायब सैनी ने केस CBI को ट्रांसफर करने की फाइल क्लियर की। 27 अगस्त को मनीषा के गांव ढाणी लक्ष्मण में श्रद्धांजलि सभा रखी है। घर के पास ही टेंट लगाया गया है। पुलिस प्रशासन भी इस पर नजर रखे है और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

मनीषा के घर के बाहर ही श्रद्धांजलि सभा के लिए टेंट लगाया गया है।
लगातार लोग घुटने नवाणे की रस्म में पहुंच रहे मंगलवार को दैनिक भास्कर एप की टीम गांव ढाणी लक्ष्मण पहुंची। गांव व घर में गमगीन माहौल है। यहां मनीषा के घर के बाहर टेंट लगा है। लगातार लोग घुटने नवाणे यानी शोक जताने की रस्म निभाने पहुंच रहे हैं। कई लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं, जिनका इस परिवार से सीधा कोई नाता भी नहीं है। महिलाओं को बैठने के लिए घर के अंदर व्यवस्था की गई है। सामान्य से दिखने वाले घर के पास ही एक बैठक में आने-जाने वालों के लिए ठंडे पानी के कैंपर रखे हुए हैं। कैंपरों की संख्या दिखाती है, यहां लगातार लोग पहुंच रहे हैं।

पास के घर में एक बैठक में आने-जाने वालों के लिए ठंडे पानी के कैंपर रखे हुए हैं।
घर में छोटे-छोटे 2 पूजा स्थल बना रखे थे, अब जोत-बत्ती नहीं हो रही पिता संजय ने बताया कि बेटी मनीषा धार्मिक विचारों की थी। पूजा-पाठ करती थी। घर में दो जगह पूजा स्थल बना रखे थे। छोटी-छोटी मूर्तियां लगी हैं। मनीषा जोत-बत्ती करती थी। बेटी के जाने के बाद से अब जोत-बत्ती नहीं हो रही। मनीषा को भजन गाने का शोक था। अक्सर घर में भजन गुनगुनाती रहती थी।

पिता ने कहा कि बेटी के जाने के बाद से अब घर में जोत-बत्ती नहीं हो रही है।
धरना कमेटी व पंचायत अब कुछ कहने से बच रहे 11 अगस्त को मनीषा के लापता होने, फिर 13 अगस्त को शव मिलने और 3 बार पोस्टमॉर्टम होने से लेकर 21 अगस्त के अंतिम संस्कार होने तक न्याय के लिए लंबा संघर्ष चला। पहले धरना संचालन के लिए कमेटी बनी। फिर गांव के पंचायतियों ने मोर्चा संभाला। अब केस की जांच CBI को सौंपे जाने के बाद ज्यादातर पंचायती चुप्पी साधे हैं। इनमें से कोई भी कैमरे के सामने आने को तैयार नहीं। हालांकि, ये सभी कह रहे हैं कि देखते हैं CBI क्या सच सामने लाएगी?
दैनिक भास्कर एप के साथ बातचीत में मनीषा के पिता ने ये बातें कहीं…
CBI को जांच सौंपने के बाद क्या उम्मीद हैं? पिता : सरकार ने CBI को जांच दी है। हम उम्मीद करते हैं कि मेरी बेटी को जल्द न्याय मिलेगा। हमारी व जनता की यही मांग है कि हमारी बेटी को निष्पक्ष जांच कर न्याय मिले। हमारी मांग थी कि एम्स दिल्ली में पोस्टमॉर्टम कराएं और CBI से जांच हो। सरकार ने एक ही झटके में हमारी मांग मान ली। जल्द CBI को चार्जशीट देकर कार्रवाई करने के लिए कह दिया है। सरकार जल्द CBI से सहयोग कर हमारी लड़की को न्याय दिलाए।

मनीषा पढ़ाई में होशियार थी। उसकी क्या-क्या उपलब्धियां रहीं? पिता : मनीषा बचपन से ही बहुत अच्छी लड़की थी। पढ़ाई में बहुत ज्यादा दिलचस्पी थी। उसका सपना एक ही था कि वह पढ़ लिखकर डॉक्टर बनेगी। सरकारी स्कूल में 12वीं में टॉपर रही। अच्छी कविताएं लिखना, अच्छे भजन सुनाना उसकी दिनचर्या थी। वह स्कूल में जाकर अच्छी कविता व भजन बच्चों को भी पढ़ाती थी। बच्चों को सिखाती भी थी।
आखिरी दिनों में परिवार में मनीषा का व्यवहार कैसा था? पिता : मनीषा का व्यवहार बहुत अच्छा था, सभी के साथ। ज्यादातर टाइम तो वह पढ़ाई में ही बिताती थी। भाई-बहन के साथ भी उसका बहुत अच्छा व्यवहार था। खेलने कूदने में भी ठीक थी। दोनों छोटे भाई-बहन को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करती थी।
मनीषा कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात आई थी। उसे लेकर क्या कार्रवाई की गई है? पिता : अभी तक तो कोई पुष्टि नहीं हुई है कॉलेज के बारे में कि प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है या नहीं की है। हमने तो सीबीआई से एक उम्मीद लगाई है। वही आकर कोई कार्रवाई करेगी। कॉलेज के ऊपर हो या जहां पर भी हो। उन दरिंदों को खोजकर बाहर निकालेगी। हमारी जनता व मेरे परिवार को न्याय दिलाएगी।
लगातार नेता घर पर आ रहे हैं, किस प्रकार का आश्वासन दे रहे हैं? पिता : यही आश्वासन दे रहे हैं कि न्याय मिलेगा आपको।
