मनीष सिसोदिया आम आदमी पार्टी के नेता
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित उस कानून का स्वागत किया है, जिसमें किसी मुख्यमंत्री या मंत्री को 30 दिन से अधिक जेल में रहने पर पदमुक्त करने का प्रावधान है। हालांकि, उन्होंने इसे “अधूरा क
.
झूठे आरोप लगाने वालों को भी जेल
मनीष सिसोदिया ने कहा कि यदि किसी मुख्यमंत्री, मंत्री या प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचार के झूठे आरोपों में जेल भेजा जाता है और बाद में वह निर्दोष साबित हो जाता है, तो गिरफ्तारी कराने वाले अधिकारी, एजेंसी प्रमुख और उस समय की सरकार के मुखिया (प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री) को भी उतने साल की जेल होनी चाहिए, जितनी सजा उस आरोप में तय है।
उन्होंने कहा कि केवल नेताओं तक ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों तक यह प्रावधान लागू होना चाहिए। देश की जेलों में लाखों लोग झूठे आरोपों में सालों तक बंद रहते हैं और बाद में बरी हो जाते हैं। लेकिन जिन्होंने झूठे आरोप लगाए, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। “किसी का जीवन सालों तक झूठे आरोपों में बर्बाद हो जाए और दोषियों को कोई सजा न मिले, यह न्याय नहीं है,” सिसोदिया ने कहा।
ईडी-सीबीआई जैसे दुरुपयोग की आशंका
सिसोदिया ने कहा कि यह कानून स्वागत योग्य है, क्योंकि भ्रष्ट नेताओं में डर बना रहना चाहिए कि भ्रष्टाचार करने पर कुर्सी जा सकती है। लेकिन जिस तरह ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग हुआ है, उसी तरह इस कानून के गलत इस्तेमाल की पूरी आशंका है।
उन्होंने कहा, “अगर ताकत का दुरुपयोग करने वालों को सजा नहीं मिलेगी, तो यह निरंकुश ताकत का अहंकार उन्हें रावण बना देगा।”
लोकतंत्र में शक्ति का संतुलन जरूरी
मनीष सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता के पास शक्ति होना जरूरी है, लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त प्रावधान होने चाहिए। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी लिखा कि सिर्फ मंत्रियों या नेताओं के लिए नहीं, बल्कि किसी भी आम आदमी को झूठे केस में जेल भेजने वालों को भी जेल भेजने की व्यवस्था होनी चाहिए।