चिंतपुर गांव में घर में घुसा सोम नदी का पानी।
यमुनानगर के चिंतपुर गांव में सोम नदी का पानी एक बार फिर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। बीती रात नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर 10 हजार क्यूसेक को पार कर 23 से भी ऊपर पहुंच गया, जिसके कारण पानी गांव की गलियों, घरों और खेतों में घुस गया।
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इससे ग्रामीणों का सामान खराब हो गया, गलियां जलमग्न हो गईं और खेत तालाब में तब्दील हो गए। रातभर से ग्रामीण अपने सामान और पशुओं को बचाने में जुटे रहे। पशु रातभर से तीन से चार फीट पानी में खड़े हुए हैं। ग्रामीण अभी पिछले नुकसान से उभरे नहीं थे कि फिर से मुसीबत आन पड़ी।

सोम नदी के पानी से गांव की गली लबालब।
घरों में घुसा पानी, सामान हुआ खराब
रात के समय जब पानी गांव में घुसा, कई लोग घरों में सो रहे थे, जबकि कुछ बाहर चारपाई पर। अचानक पानी ने बिस्तरों को छू लिया, जिससे ग्रामीणों की नींद टूटी। स्थानीय निवासी शाहरुख ने बताया कि वह घर में सो रहा था, तभी बाहर से अजीब सी आवाजें आईं।
इससे पहले वह बाहर जाकर कुछ देखता दरवाजे के नीचे से पानी कमरे में आता नजर आया। उसने तुरंत बिस्तर समेटा और बाहर निकलकर देखा तो चारों तरफ पानी ही पानी था। ग्रामीण रातभर अपने सामान, पशुओं और घरों को बचाने में जुटे रहे। उसके घर के बैड व बिस्तरे खराब हो गए हैं।

गांव में बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए शाहरुख।
गलियों में भरा पानी, खेत बने तालाब
सुबह सात बजे तक पानी कुछ घरों से उतरने लगा, लेकिन गांव की गलियों में अभी भी ढाई से तीन फुट पानी भरा हुआ है। खेतों में पानी जमा होने से फसलें बर्बाद हो रही हैं और खेत तालाब का रूप ले चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की स्थिति हर साल बरसात के मौसम में बनती है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।

घर के आगे पत्थर रखकर पानी को अंदर जाने से रोकने का प्रयास।
रातभर बढ़ता रहा जलस्तर
फ्लड कंट्रोल रिपोर्ट के अनुसार, सोम नदी का डेंजर लेवल 10 हजार क्यूसेक है। लेकिन बीती रात 3:15 बजे नदी में पानी का प्रवाह 14 हजार 160 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसके बाद तड़के 3:40 बजे यह बढ़कर 23 हजार 10 क्यूसेक तक पहुंच गया और सुबह 4 बजे तक यह खतरनाक स्तर पर बना रहा। जलस्तर बढ़ने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर गांव में घुस गया, जिसने भारी नुकसान पहुंचाया।

गांव की सड़क के ऊपर से गुजरकर खेतों में जाता पानी।
अपने स्तर पर नुकसान कम करने में जुटे
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सोम नदी के किनारों को मजबूत करने और बाढ़ नियंत्रण के लिए स्थायी उपाय किए जाएं। साथ ही, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की है। फिलहाल, ग्रामीण अपने स्तर पर नुकसान को कम करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।