जिला परिषद पूर्व चेयरपर्सन काजल देशवाल।
पानीपत जिला परिषद की पूर्व चेयरपर्सन काजल देशवाल की जज योगेश चौधरी की सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत को लेकर सोमवार को सुनवाई की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों में बहस हुई और जज द्वारा 26 अगस्त 2025 की तिथि फैसले के लिए दी गई है।
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रिजर्व वार्ड-13 से जीता था चुनाव
बता दें कि एक हफ्ते से केस दर्ज होने के बावजूद भी थाना सिटी पुलिस ने आज तक पूर्व चेयरपर्सन काजल देशवाल को गिरफ्तार नहीं किया हैं। शिकायतकर्ता प्रदीप का कहना है कि जिला परिषद की पूर्व चेयरपर्सन काजल देशवाल ने राजपूत जाति से होने पर कहार जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर बीसी-ए के लिए रिजर्व वार्ड-13 से चुनाव जीता था और बाद में चेयरपर्सन बन गई थी।

चुनाव जीतने के बाद पूर्व चेयरपर्सन काजल देशवाल व अन्य।
जांच दौरान छोड़नी पड़ी कुर्सी
मामले में शिकायत के बाद जांच के दौरान काजल देशवाल को चेयरपर्सन की कुर्सी छोड़नी पड़ी। वहीं थाना सिटी पुलिस द्वारा चेयरपर्सन पर धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया हुआ है। जिन धाराओं में सिटी थाना में केस दर्ज है, उनमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। जबकि पुलिस ने आज तक चेयरपर्सन को गिरफ्तार तक नहीं किया है।
दोषियों को जरूर मिलेगी सजा-शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता प्रदीप का कहना है कि पूर्व चेयरपर्सन ने गिरफ्तारी के डर से केस दर्ज होने के चौथे दिन से ही सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत को लेकर याचिका लगाई हुई है। जिसको लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई है। कोर्ट से फर्जीवाड़ा करने वालों को सजा जरूर मिलेगी। वहीं पुलिस से मांग की है कि फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने और बनाने में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली काजल देशवाल काे आशीर्वाद देते हुए।
इस संबंध में जिला बार एसोसिएशन प्रधान एडवोकेट सुरेंद्र दूहन ने कहा कि जिला परिषद पूर्व चेयरपर्सन काजल देशवाल केस में आज सुनवाई हुई है, जिसमें दोनों पक्षों के वकीलों की बहस हुई है। मामले में फैसले पर कल सुनवाई होनी है।