बुखार से तड़पती पत्नी को पड़ोसी की मदद से उठाकर अस्पताल ले जाते हुए ग्रामीण।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खराब सड़क के कारण बीमार पत्नी को उठाकर पति लगभग एक किलोमीटर तक पैदल चला। पड़ोसी की मदद से पति ने कीचड़ से भरी सड़क को पार किया। बाद में जब साफ रास्ता मिला, तो ऑटो से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। यह मामला कापू थाना क्षेत्र क
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घटना विजयनगर ग्राम पंचायत के कंडरजा मोहल्ले की है। कंडरजा से पंडरापाठ और बिलाईढोड़ी की ओर जाने वाली सड़क कई सालों से नहीं बनी है। बारिश के बाद यहां की सड़कें पूरी तरह से कीचड़ में डूबी हुई है। इस वजह से कोई भी वाहन इस रास्ते पर नहीं चलता है।
पहले देखिए ये तस्वीरें-

बीमार पत्नी को उठाकर पति लगभग एक किलोमीटर तक पैदल चला।

सड़क पर कीचड़ के कारण चलना मुश्किल है। चारपहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंचती है।

एक किलोमीटर चलने के बाद जब साफ रास्ता मिला, तो ऑटो से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया।
न एम्बुलेंस पहुंच सकती, न कोई गाड़ी
शुक्रवार को कंडरजा निवासी तुलसी बाई राठिया (55) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार और कंपकंपी हो रही थी। जब हालत बिगड़ने लगी, तो उनके पति लक्ष्मण राठिया ने उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला किया। लेकिन रास्ता इतना खराब था कि न तो कोई एम्बुलेंस और न ही कोई गाड़ी उनके घर तक पहुंच सकती थी।
इसलिए लक्ष्मण ने अपने पड़ोसी दुलेश्वर की मदद से पत्नी को उठाया और पैदल ही कीचड़ भरे रास्ते पर चल पड़ा। लगभग एक किलोमीटर चलने के बाद जब साफ रास्ता मिला, तो वहां ऑटो से तुलसी बाई को अस्पताल ले जाया गया।

कंडरजा मोहल्ले को जाने वाली सड़क पर कीचड़ के कारण चलना मुश्किल है।
15 किलोमीटर की दूरी तय कर अस्पताल पहुंचे
बता दें कि कंडरजा गांव से कापू अस्पताल सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है। लेकिन खराब सड़क के कारण वे दूसरे रास्ते से 15 किलोमीटर की दूरी तय कर अस्पताल पहुंचे। महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

बारिश के बाद सड़क पर इतना कीचड़ है कि चारपहिया वाहन ठीक से नहीं चल पाते।
कई बार सड़क की मांग, फिर भी नहीं मिली सुविधा
ग्रामीण रवेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क की खराब हालत के कारण एम्बुलेंस और दूसरी चारपहिया गाड़ियां कंडरजा मोहल्ले तक नहीं पहुंच पाती हैं। रास्ते में कीचड़ है और आज तक यहां पक्की सड़क नहीं बनी।
हर साल बरसात के दिनों में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क बनवाने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ।

ट्रैक्टर के अलावा अन्य वाहन चलाने पर या तो वाहन फंसते हैं या फिर फिसलकर लोग गिरते हैं।
इलाके में पक्की सड़क बहुत जरूरी- सरपंच
विजयनगर ग्राम पंचायत के सरपंच विष्णुप्रसाद राठिया ने बताया कि कंडरजा से पंडरापाठ, कंडरजा से बिलाईढोड़ी और पाटनपारा से पंडित बगीचा तक की सभी सड़कों का यही हाल है। इन रास्तों से गुजरने वाले गांव के लोगों को भारी परेशानी होती है।
उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में इन सड़कों को बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, और पक्की सड़क बनवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरपंच ने कहा कि इन इलाकों में पक्की सड़क बनना बेहद जरूरी है, ताकि गांव के लोग सुरक्षित और आसानी से आ-जा सकें। इस मामले में SDM को फोन लगाया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
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प्रेग्नेंट महिला को करीब 4 किलोमीटर तक कीचड़ से भरे रास्ते पर चलना पड़ा।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक प्रेग्नेंट महिला को करीब 4 किलोमीटर तक कीचड़ से भरे रास्ते पर चलना पड़ा। तब जाकर एम्बुलेंस मिली और उसे अस्पताल ले जाया गया। गांव में आजादी के बाद से अब तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि गांव की आबादी कम है इसलिए सड़क नहीं बनी। पढ़ें पूरी खबर