अहमदाबाद7 घंटे पहले
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गुजरात एटीएस ने बुधवार को बताया कि उसने अल-कायदा से जुड़े 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दो आतंकी गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से पकड़ा गया है। ये चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है।
ये चारों अल कायदा से जुड़े अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े बताए जा रहे हैं। ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कुछ संदिग्ध ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क कर रहे थे।
गुजरात एटीएस को इनके पास से कुछ सोशल मीडिया हैंडल और चैट भी मिले हैं। साइबर टीम भी इसकी जांच में जुटी हुई है।
इन पर नजर रखी जा रही थी
सुरक्षा एजेंसियों को इनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट मिलने के बाद इन पर नजर रखी जा रही थी। लंबे समय से की जा रही तकनीकी और फील्ड निगरानी के बाद एटीएस ने चारों को गिरफ्तार किया है।
सीमा पार के आतंकियों से संपर्क एटीएस के मुताबिक आरोपियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है और ये भारत में आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। इन आतंकियों को कुछ खास और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। ये चारों आतंकी सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इनका संपर्क सीमा पार बैठे आतंकियों से भी था।
गुजरात एटीएस और केंद्रीय एजेंसियां अब इनके नेटवर्क, फंडिंग, ट्रेनिंग और विदेशी संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। इनसे पूछताछ के बाद और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
अलकायदा क्या है
अल-कायदा एक आतंकी संगठन है। यह संगठन मक्तब अल-खिदमात से निकला है, जिसे ओसामा बिन लादेन के मेंटर शेख अब्दुल्ला अज्जम ने अफगानिस्तान में आतंकवादियों को आर्थिक मदद करने के लिए बनाया था। अल-कायदा, इसके सहयोगी संगठन और इससे जुड़े लोग अफ्रीका, एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में हमले करने और हमलों की साजिश रचने में शामिल रहे हैं। स्थापना से लेकर 1991 तक, अल-कायदा अफगानिस्तान और पाकिस्तान के पेशावर में स्थित था। 1996 से 2001 के अंत तक, इसे ओसामा बिन लादेन और आतंकी सहयोगियों ने तालिबान के संरक्षण में अफगानिस्तान से संचालित किया। दुनियाभर में अलकायदा ने अपना नेटवर्क तैयार किया। अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) अल कायदा से जुड़ा आतंकी संगठन है।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक सीरिया स्थित अलकायदा की ब्रांच को विरोधियों ने खत्म कर दिया है। वहीं, यमन में भी उसकी हालत खराब है। हालांकि, सोमालिया और माली में अलकायदा की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है।
- अफगानिस्तान के तालिबान नेताओं से भी अलकायदा के अच्छे संबंध बताए जाते हैं। कई रिपोर्ट्स में तो यहां तक दावा किया गया है कि तालिबान के साथ अमेरिका और अफगान सरकार के युद्ध में भी अलकायदा के लड़ाकों ने तालिबान का साथ दिया था। ——-